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बुद्धिमान राहगीर – Buddhimaan raahageer | Bachho ki hindi kahaniya

बुद्धिमान राहगीर - Buddhimaan raahageer | Bachho ki hindi kahaniya

बुद्धिमान राहगीर – Panchatantra stories in Hindi

एक दिन एक सौदागर अपने ऊँट पर सामन लाद कर शहर में बेचने चला | उसका ऊँट बुढा था | अत: जल्दी-जल्दी नहीं चल पा रहा था | रात को सौदागर एक छोटी सी सराय में रुका | रात में कुछ चौर उसके ऊँट लेकर चलते बने सुबह जब सौदागर को ऊँट नहीं दिखा तो वे उसके पैरों के निशान देखकर तेजी से उस दिशा की ओर दौड़ पड़े |

रास्तें में उसे एक राहगीर मिला सौदागर ने उससे पूछा क्यों तुमने मेरा ऊँट देखा ? राहगीर बोला – मैंने तुम्हारा ऊँट तो नहीं देखा है पर शायद तुम्हारा ऊँट काना था |

सौदागर बोला हाँ , मेरा ऊँट काना है | तुमने उसे कहा देखा |राहगीर ने कहा – उसकी दाँयी तरफ शहद के और बाँयी तरफ गेंहूँ का बोरा लदा था | और वह वृद्ध था क्यों ठीक है ना ?

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सौदागर राहगीर की बात सुनकर भागा-भागा गया | थोड़ी दूर पर उसे अपना ऊँट दिखाई दिया चोर उस पर रखा सामन रखा लेकर भाग गये थे | ऊँट वृद्ध था अत: उसे वही छोड़ गये थे | वह अपना ऊँट लेकर वापस लौटा | उसे वही राहगीर वापस मिला | राहगीर ने कहा तुम चोर हो मेरे साथ थाने चलो |

सौदागर राहगीर को लेकर थाने आया | थानेदार ने पूछा क्यों तुमने इसका ऊँट चुराया ?

राहगीर बोला नहीं मेने इनका ऊँट नहीं चुराया तो सौदागर बोला अगर तुमने मेरा ऊँट नहीं चुराया तो फिर तुम्हें कैसे मालूम की मेरा ऊँट काना है और उस पर यहा सामान लदा है |

राहगीर बोला जब मैं राह पर से गुजर रहा था तो मेने देखा की रास्ते पर बायीं तरफ की घास नहीं खायीं हुई थी दायीं तरफ की खायी गईं थी इससे यह सिद्ध होता है कि वहा दायीं तरफ से काना था|

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सौदागर ने कहा की तुम्हें यह केसे मालूम की उसके ऊपर क्या था ?

राहगीर बोला – चोरों की असावधानी के कारण ऊपर रखा सामान शायद फट गया होगा | इस कारण रास्ते पर दायीं तरफ शहद गिरने के कारण उस तरफ मंक्खीयाँ भिनभिना रही थी और बायीं तरफ गेंहूँ गिरने के कारण चिडीयां दाना चुग रही थी|जिससे मुझे यह सब मालूम पड़ा |

रास्ते सामान इतना गिरा पड़ा था था जिससे यह लग रहा था की जिस भी जानवर के ऊपर यह सामान रखा था वह बूढा था क्योंकि बोर का छेद बड़ा होता तो चोर लोग उसे बंद कर देते |

सौदागर और थानेदार, बुद्धिमान राहगीर के उत्तर सुनकर बहुत प्रसन्न हुए | थानेदार ने बुद्धिमान राहगीर को बहुत ईनाम दिया |

शिक्षा : किसी व्यक्ति के बाहरी रंग रूप से उसकी बुद्धिमत्ता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता इसलिए हमें सिर्फ इसलिए कि किसी ने खराब कपडे पहने हैं या वो देखने में अच्छा नहीं है; उसके बारे में गलत विचार नहीं बनाने चाहियें।

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